Tribe of mentors -The Amazing Book by Tim Ferriss

Tribe of mentors -The Book by Tim Ferriss

 
 

दो लफ्जों में

Tribe of mentors (2017) मेंटर्स के साथ हुए इंटरव्यू का एक संग्रह है। मेंटर्स वो लोग हैं जो प्रोफेशनली बहुत सफल माने जाते हैं और इन्हे अपने क्षेत्र का लीडर समझा जाता है। उनकी सफलता के रहस्यों को समझने के लिए, टिम फेरिस ने इन मेंटर्स से कई तरह के सवाल पूछे, जैसे कि “आपकी पसंदीदा किताबें क्या हैं?” “आपकी दैनिक आदतें क्या हैं?” इन सवालों के जवाब आपको अपने क्षेत्र मे सफलता पाने मे मदद करते हैं।

 

यह किसके लिए है

  • – उन लोगों के लिए जो सक्सेसफुल लोगों से जिंदगी जीना सीखना चाहतें हैं।
  • – वो जिन्हें सेल्फ-हेल्प किताबें पसंद है।
  • – वो लोग जो महान लोगों की जिंदगी के बारे मे जानना चाहते हैं।

लेखक के बारें में

टिम फेरिस को कभी कभी इंसानी गिनी पिग कह कर बुलाया जाता है। इसकी वजह यह है कि इफेक्टिव हेल्प टेक्निक्स ढूंढ़ने के लिए उन्होंने अपने ऊपर कई सारे एक्सपेरिमेंट किए हैं। उनकी बेस्टसेलिंग किताबों में शामिल है, द 4-ऑर वॉर्कवीक एंड द 4-ऑर बॉडी। टिम फेरिस ट्विटर और फेसबुक जैसी बड़ी कंपनियों में कंसलटेंट रह चुके हैं। उनका एक खुद का पॉडकास्ट भी है जिसे वो होस्ट करते हैं ‘डी टिम फेरिस शो’।

इस किताब में आपके लिए क्या है? जानिये कैसे कुछ लोग जो आज अपने क्षेत्र में सबसे आगे है वो इस मुकाम पर पहुचें। 

हो सकता है आपने हाल ही मे ग्रेजुएशन कि हो या आपमें कोई टैलेंट है और आप तैयार है अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए? या हो सकता है आप पहले से ही काम कर रहे हों पर अपने काम के परिणाम से खुश न हो। आपकी स्थिति चाहे जो हो आपके सामने अक्सर कुछ ऐसी चुनौतियां रहेगी जिन्हें आप पार करना चाहेंगे। इन चुनौतिओं को पार करने में मेंटर्स आपकी मदद कर सकते हैं। ये मेंटर्स वो लोग हैं जो दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं और इन सब ने अपने क्षेत्र में अपनी एक ख़ास जगह बनाई है।

टिम फेरिस जिन्होंने ये किताब लिखी है वो खुद एक जाने माने इंटरप्रेन्योर हैं। इन्होंने ये किताब उन लोगों के लिए लिखी है जिन्हें बस थोड़ी इंस्पिरेशन कि जरूरत है। इसमें दुनिया के कुछ सबसे बेहतरीन दिमाग वो बातें बताते हैं जो अच्छी जिंदगी जीने के लिए बहुत जरूरी है।

इसके अलावा आप जानेंगे

  • – एक किताब जो टेरी क्रुज और जिमी फेलॉन दोनो के दिलों के करीब है।
  • – एक ऐसा सेल्फ इन्वेस्टमेंट जो सभी मेंटर्स करते हैं और करने की सलाह देते हैं।
  • – फॉरेस्ट बाथिंग के फायदें।

जिंदगी में आगे बढ़ने और सफल होने के लिए वो किताबें पढ़ें जो आपको इंस्पायर करती हैं। 

अलग अलग लोगों के लिए सफलता का मतलब अलग अलग होता है। पर हम सब इस बात से सहमत होंगे कि दुनिया में अगर कोई लीडर या मेंटर के रूप में जाना जाता हो तो उसने कुछ हद तक सफलता तो पायी ही है। यही कारण है कि सक्सेसफुल लोगों कि आदतों का पता लगाने के लिए लेखक ने दुनिया भर में प्रसिद्ध मेंटर्स का इंटरव्यू लिया। तो लेखक को क्या पता चला?

अगर आप से कोई पूछे कि कौन सी आदत सफल होने के लिए सबसे जरूरी है तो आप क्या जवाब देंगे? हो सकता है किताबें पढ़ना आपको सफल बनने कि सबसे जरूरी आदत ना लगती हो, पर लेखक ने अपने इंटरव्यू में पाया कि कई लीडर्स के लिए किताबें ही इंस्पिरेशन का सबसे जरूरी माध्यम थी।

उदाहरण के लिए ब्रिटिश जर्नलिस्ट मैट रिडली, जिनकी विज्ञान और अर्थशास्त्र पर लिखी किताबें दुनिया भर में लाखों लोगों द्वारा पढ़ी जाती है और 30 भाषाओं से ज्यादा में ट्रांस्लेट हो चुकी हैं, उनकी जिंदगी पर रिचर्ड डॉकिन्स कि लिखी किताब द सेल्फिश जीन का बहुत असर पड़ा है। डॉकिन्स कि इस किताब ने उन्हें जिंदगी क्या है यह समझने मे मदद की। इस किताब ने विज्ञान की किताबों को लिखने का तरीका पूरी तरह से बदल दिया। Tribe of mentors

आमतौर पर जिन किताबों को मेंटर्स सबसे ज्यादा सराहते हैं, वो हमें जिंदगी में गाइड करने वाली किताबें होती है।

टॉक शो होस्ट जिमी फेलॉन और एक्टर और फॉर्मर ऐन एफ एल स्टार टेरी क्रुज दोनों विक्टर फ्रान्कल कि लिखी किताब मेंस सर्च फोर मीनिंग को बहुत सराहते हैं। फेलॉन को लगता है कि इस किताब ने उन्हें एक बेहतर इंसान बनने में मदद की है और क्रुज के हिसाब से ये किताब उन्हें जिंदगी में सबसे जरुरी चीजों पर ध्यान देने में मदद करती है।

सामाजिक विज्ञान के शोधकर्ता और टेड टॉक के सुपरस्टार डॉ ब्रेन ब्राउन का कहना है कि हैरियट लर्नर की व्हाई वोंट यू अपोलोज़ाइस (Why Won’t You Apologize?) ने उनके माफी मांगने के दृष्टिकोण में क्रांति ला दी थी। और अयन रैंड की लिखी किताब, द फाउंटेनहेड, ने वायर्ड मैगज़ीन के को-फाउंडर केविन केली को आत्मनिर्भरता का महत्व सिखाया- इतना कि इसे पढ़ने के बाद उन्होंने स्कूल छोड़ दिया!

मारिआ शारापोवा, जो कि पांच बार स्लैम टेनिस चैम्पियन रह चुकी हैं, उन्हें खुशी के बारे में बेहद जरुरी इनसाइट्स जोएल बेन इज़्ज़ी (Joel ben Izzy) की किताब पढ़ कर मिले जिसका नाम था डी बेगर एंड डी सीक्रेट ऑफ़ हैप्पीनेस: अ ट्रू स्टोरी (The Beggar King and the Secret of Happiness: A True Story)।

कई बार बच्चों के लिए लिखी किताबों में भी जिंदगी से जुड़ी जरुरी बातें मिल सकती है। उदाहरण के लिया टेड टॉक क्यूरेटर क्रिस एंडरसन कभी नहीं भूलेंगे कि किस तरह सी एस लेविस की किताब द क्रोनिकल्स ऑफ़ नार्निया ने उनकी कल्पना को निखारा और जिमी फेलॉन के लिए द मॉन्स्टर एट द एन्ड ऑफ़ दिस बुक (The Monster at the End of This Book) आज भी बहादुरी की सीख देती है।

हार आपकी आगे बढ़ने और सफल होने में मदद कर सकता है।

हममे से ज्यादातर लोगों ने अपनी जिंदगी में कभी न कभी एक बड़ी हार का सामना किया है। हालाँकि हार से उबरना बहुत जरूरी है पर इन हारों से सीखना उससे भी ज्यादा जरूरी है।

उदाहरण के लिए रिक रुबिन जिन्होंने कई सारे ग्रैमी अवार्ड विनिंग रिकॉर्ड्स बनाएं है, हार से परीचित हैं। कई बार शानदार एलबम्स भी फ्लॉप हो जाती है और औसत एलबम्स हिट हो जाती हैं।

हार से उन्होंने ये सीखा कि आपका इस बात पर कोई बस नहीं है कि आपका काम सराहा जाएगा या नहीं। आप सिर्फ अपनी काम के प्रति ईमानदार रह सकते हैं और अपने काम को जितना बेहतर हो सके उतना बेहतर बना सकते हैं।

हार आपको एक्शन लेने और खुद मे सुधर लाने के लिए भी मोटीवेट कर सकती है।

15 साल सभी पब्लिशर्स से रिजेक्शन मिलने के बाद स्टीवन प्रेस्स्फील्ड ने मन बना लिया कि वो अब और ऐसा नहीं होने देंगे। वो अपना टाइपराइटर लेकर हॉलीवुड में काम करने के लिए न्यू यॉर्क पहुँच गए। नई यॉर्क पहुँच के उन्होंने जोशुआ ट्री जैसे स्क्रीन प्ले लिखे। इस के बाद उन्हें और बड़े और बेहतर प्रोजेक्ट्स मिलें जैसे कि रोबर्ट रेडफोर्ड की डी लीजेंड ऑफ़ बेगर वेन्स।

2005 में लियो बबौटा को लग रहा था कि वो एक फेलियर हैं। वो ओवरवेट थे, उनपे काफी कर्जा था और वो जंक फ़ूड एडिक्ट थे। हालाँकि उसी साल उन्होंने अपनी सारी ऊर्जा अपनी सेहत अच्छी करने में लगा दी। उन्होंने अपने इस अनुभव को जेन हैबिट्स नाम के ब्लॉग से साझा किया। इस ब्लॉग को पढ़कर कई लोगों को अपनी सेहत को सुधरने की प्रेरणा मिली। इससे लगभग ढाई करोड़ से भी ज्यादा लोगों को मदद मिली।

हारने का एक अच्छा फायदा यह है कि आपको आज़ादी मिल जाती है। हारने के बाद आप अपने काम के साथ एक्सपेरिमेंट कर कर सकते हैं क्योंकि हारने के बाद एक्सपेक्टेशन का बोझ हट जाता है।
जब बेस्टी बॉयज का दूसरा एल्बम पॉल्स बूटिक फ्लॉप हुआ तो बैंड ने कुछ समय के लिए पब्लिक कि नजर से हटकर अपने म्यूजिक पर ध्यान देकर उसे अच्छा किया। तीन साल बाद उन्होंने चेक योर हेड रिलीज़ कि जो कि आर्टिस्टिक और कमर्शियल हिट बन गयी।

जब आप हारते हैं और उससे सीखकर खुद मे सुधार करते हैं तब हारना उतना डरावना नहीं लगता। हारने से ना डरना आपको जोखिम लेने और इनोवेटिव बनने में मदद करता है। इसलिए ग्रैमी अवार्ड विनिंग कॉमेडियन पेटों ओस्वाल्ट सुझाव देते हैं कि हमें हारने से नहीं डरना चाहिए। जब आप एक बार हार जातें हैं तो आप खुद में सुधार करना शुरू कर सकते हैं।

सारे जरूरी इन्वेस्टमेंट ट्रेडिशनल नहीं होते हैं। 

इन्वेस्टमेंट शब्द सुन के ही आपके मन में स्टॉक मार्केट का ख़याल आता होगा, पर इन्वेस्टमेंट शब्द का मतलब इससे कहीं ज्यादा है। मेंटर्स के लिए सबसे अच्छा इन्वेस्टमेंट वो है जो आपको अपने करियर में आगे ले जाती है। Tribe of mentors

वायर्ड के को फाउंडर केविन केली को आज भी याद है कि किस तरह उनके $200 के पहले इन्वेस्टमेंट ने उन्हें वो चीजें सिखाई जो उन्हें उनकी बिजनेस में मास्टर्स कि डिग्री भी नहीं सीखा पायी थी। ये सीख उन्हें काफी कम पैसों में मिल गयी। $200 से उन्होंने रोलिंग स्टोन मे ट्रेवल गाइड कैटलॉग का एक एड पब्लिश किया। जब उन्होंने ये एड पब्लिश करवाया उस समय उनके पास ऐसा कोई कैटलॉग नहीं था, पर सूझ बुझ से पैसे बचाकर उन्होंने वो कैटलॉग बनाया और पब्लिशिंग की दुनिया मे अपना पहला कदम रखा।

थेरेपिस्ट और रिलेशनशिप गुरु एस्तेर परेल ने 9 भाषाएँ सीख कर खुद में इन्वेस्ट किया। इसकी वजह से वो अब दुनिया भर मे लोगों से अच्छी तरह बात कर पाती हैं। इससे बहुत फायदा हुआ है। सेक्स और रिलेशनशिप काम्प्लेक्स टॉपिक्स है पर वो हमेशा इससे जुड़ी बातों को सही शब्दों मे बोल पाती हैं।

कई बार दूसरों पर किया हुआ इन्वेस्टमेंट सबसे ज्यादा रिवार्डिंग हो सकता है। उदाहरण के लिए जैसन फ्राइड, जो सॉफ्टवेयर कंपनी बेसकैंप के सीईओ हैं, के कुछ सबसे रिवार्डिंग पल वो पल है जब उन्होंने अपने दोस्तों की मदद की थी। एक बार जब उनके किसी दोस्त ने नया जिम खोला था तो उन्होंने एक महीने तक उस जिम का रेंट भरा वो भी बदले मे बिना कुछ चाहे।

हालांकि खुद मे इन्वेस्टमेंट करना सबसे जरुरी है।
2007 मे हफ़्फिंगटन पोस्ट की फाउंडर अरिआना हफ़्फिंगटन थकान से बेहोश हो गयी थीं। इस घटना के बाद उन्होंने ब्रेक लेने का फैसला लिया और अपनी सेहत पर इन्वेस्ट करना शुरू कर दिया। उन्हें पूरा विस्वास था कि इससे उनकी प्रोफेशनल ही नहीं बल्कि पर्सनल लाइफ में भी मदद मिलेगी।

मेंटर्स का यह मानना है कि मैडिटेशन सबसे अच्छा सेल्फ इन्वेस्टमेंट है जो कोई भी कर सकता है।

रिक रुबिन, जिमी फेलॉन, हिस्टोरियन युवल नोआह हरारी, ऑस्कर नॉमिनेटेड डायरेक्टर डेविड लिंच, चेस मास्टर एडम रॉबिन्सं और इन्वेस्टर रे डलिओ ये कुछ मेंटर्स हैं जो नियमित रूप से मैडिटेशन करते हैं। इन सबका मानना है कि मैडिटेशन इन्हें पर्सनल इनसाइट्स और लम्बे समय तक फोकस करने की क्षमता देता है। इसके अलावा ये जिंदगी मे आने वाली मुश्किलों को पार करने में भी इनकी मदद करता है।

वर्क ओवरलोड से सामना करने के लिए खुद को हाँ और दूसरों को ना बोलना सीखें।

जे-जेड ने एक बार कहा था कि ज्यादा पैसों के साथ ज्यादा समस्या भी आती है। लेखक ने भी मेंटर्स से पूछा कि वो किस तरह सफलता के साथ आने वाली मुश्किलों का सामना करते हैं?

कई मेंटर्स का यह मानना है कि हमें खुद को थोड़े थोड़े समय पर रीसेट और रिसेन्टर करने की जरूरत है।
कुछ मेंटर्स जैसे कि जैसन फ्राइड और पांच बार वेट लिफ्टिंग वर्ल्ड चैंपियन आनिएला ग्रेगोरेक नियमित रूप से बाहर घूम कर खुद को रिसेट और रिसेन्टर करते हैं। फ्राइड को नयी जगहों पर घूमना पसंद है, उनका मानना है कि नए वातावरण पर ध्यान देने से उनका दिमाग क्लियर होता है।

ग्रेगोरेक को जंगलों मे घूमना पसंद है, ये एक जापानी रिस्टोरेटिव प्रैक्टिस है जिसे फॉरेस्ट बाथिंग कहते हैं। इसमें व्यक्ति जंगल की आवाज़, खुशबू और ठंडी हवा को अपने अंदर समाने देता है। ये शरीर और दिमाग को रिफ्रेश कर देता है। Tribe of mentors

बाकी रिस्टोरेटिव तरीकों मे शामिल है नैप लेना, जिसका इस्तेमाल उबर के चीफ ब्रांड अफसर बोज़ोमा सेंट जॉन करते हैं, सेक्स,जो की पीपल्स चॉइस अवार्ड विनर एश्टन कचर रेकमेंड करते हैं या कुछ समय के लिए उन सभी चीजों के बारे में सोचना जिनके लिए आप ग्रेटफुल हो सकते हैं, जो साइकोलोजिस्ट और बेस्टसेलिंग लेखक डॉ जिम केहर खुद को रिसेट करने के लिए इस्तेमाल करती है।

कभी कभी जब आपके पास काम बहुत हो और वक़्त कम तब आपको ना बोलने की जरूरत है।
प्रसिद्ध लेखक रबी लार्ड जोनाथन सेक और युवल नोआह हरारी दोनों ने ऐसे लोगों को हायर किया हुआ है उनके लिए पब्लिक स्पीकिंग की रिक्वेस्ट को पहले ही मन कर देते हैं।

पर हम सब अपनी जिंदगी में ऐसे लोग नहीं रख सकते जो हमारे लिए दूसरों को ना कहे। जब नील स्ट्रॉस को कभी हाँ या ना में  चुनना होता है तो वो अपने आप से पूछते हैं कि कहीं वो सिर्फ इसलिए तो हाँ नहीं बोल रहे हैं ताकि दूसरों को बुरा ना लगे, अगर यही बात होती है तो वो विनम्रता से मना कर देते हैं।

जब केविन केली को किसी इवेंट के इनविटेशन के बारे में डिसीजन लेना होता है तो वो खुद से पूछते हैं कि क्या वो तब भी इनविटेशन एक्सेप्ट करते अगर इवेंट कल होता, अगर उनका जवाब हाँ होता है तो वो इनविटेशन एक्सेप्ट कर लेते हैं वरना मना कर देते हैं।

हालाँकि, मिलियनेयर इंटरप्रेन्योर गैरी वी का मानना है कि कभी कभी चाहे हमारा मन मना करने का ही क्यों ना कर रहा हो, हमें हाँ बोलना चाहिए। जिंदगी में सरप्राइसेज़ के लिए वो 20 परसेंट बार हाँ बोलते है भले ही उनका मन ना बोलने का कर रहा हो।

किसी कम्यूनिटी मे हिस्सा लेकर, जरूरी चीजों को प्रायोरिटी देकर या चीजों को अलग नजरिये से देखकर भी सेल्फ इम्प्रूवमेंट किया जा सकता है। 

चाहे कोई व्यक्ति कितना भी अच्छा हो, फिर भी वो खुद को इम्प्रूव कर सकता है। इस किताब के लेखक जानना चाहते थे कि मेंटर्स खुद को इम्प्रूव करने के लिए किस तरह के तरीकों का इस्तेमाल करते हैं।
जैसन फ्राइड और नील स्ट्रॉस दोनों ने पाया कि जिम और एक्सरसाइज रूटीन मे दोस्तों की कम्यूनिटी बनाने से बहुत फायदा मिलता है। स्ट्रॉस का कहना है कि दोस्तों के साथ जिम करना उन्हें अच्छा लगता है।

इस तरह से वो जिम और एक्सरसाइज के लिए मोटीवेटेड रहते हैं। रुबिन ने भी अपनी जिम कम्यूनिटी कि मदद से 100 पौंड से ज्यादा वजन घटाया है।

कुछ मेंटर्स का मानना है कि खुद को इम्प्रूव करने के लिए आपको अपने लिए जरूरी चीजों को प्राथमिकता देने की जरूरत है। Tribe of mentors

जैसन फ्राइड को अपना वर्कआउट रूटीन घटा कर फायदा हुआ। उन्हें लगा कि एक्सरसाइज उनके लिए ऐसी आदत बन गयी थी जिससे वो दूसरी बुरी आदतों को जस्टिफाई करने लगे थे। जैसे कि कम सोना और अच्छे से खाना नहीं खाना। इसलिए उन्हें अपना वर्क रूटीन छोटा करके फायदा हुआ।

डॉ ब्रेन ब्राउन को लगता है कि अच्छी नींद सभी की प्राथमिकता होनी चाहिए। उनका मानना है कि अच्छी नींद आपकी जिंदगी को बेहतर करती है।

केविन केली को भी जरूरी चीजों को प्राथमिकता देने से फायदा मिला है। वो सिर्फ उन्ही प्रोजेक्ट्स को चुनते हैं जिसे करने के लिए उनके पास जरूरी स्किल्स है।

सेल्फ इम्प्रूवमेंट का एक और रहस्य है वो है चीजों को अलग तरीके से देखना। Tribe of mentors

जाना लेविन बर्नार्ड कॉलेज मे फिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी की प्रोफेसर हैं। उन्हें पहले लगता था कि जिंदगी मे मुश्किलें खुशियों में बाधक हैं। पर अब उनका नजरिया थोड़ा बदल चुका है। अब वो जिंदगी को मुश्किलों की एक सीरीज की तरह देखती हैं जिसे अगर सही से पार किया जाए तो व्यक्ति को सीखने और इम्प्रूव करने का मौका मिलता है। जिंदगी को इस तरह से देखकर उन्हें ख़ुशी मिलती है।

बियर ग्रिल्स, जो पहले ब्रिटैन स्पेशल फोर्स के मेंबर थे और अपने एमी नॉमिनेटेड सर्वाइवल शो के स्टार हैं, का मानना है कि भविष्य के बारे मे सोच कर डरने के लिए जिंदगी बहुत छोटी है। वो चाहे अपने घर मे हो या घने जंगलों मे वो हमेशा वर्तमान मे जीते हैं।

भविष्य के बारे मे सोचकर डरने के बजाय अपने पैशन पर ध्यान दें। 

एक सवाल जो मेंटर्स से सबसे ज्यादा पूछा जाता है, वो ये है कि अपना करियर शुरू कर रहे लोगों के लिए उनका क्या सुजाव है?

जब लेखक ने ये सवाल मेंटर से पूछा तो कई मेंटर्स ने जवाब दिया कि फ्यूचर के डर से डिस्ट्रैक्ट होने के बजाय हमें अपने प्रेजेंट पर ध्यान देना चाहिए।

सोशल मीडिया गुरु और ट्रेंड सेटिंग इंटरप्रेन्योर गैरी वी कहते हैं कि अक्सर लोग चिंता करते है कि वो पाँच साल बाद कहाँ होंगे, जबकि वर्तमान मे वो टीवी देखकर या ड्रिंक पीकर अपना टाइम बर्बाद करते हैं। सच्चाई ये है कि, अगर आप हर दिन का अच्छे से इस्तेमाल करेंगे तो आपका भविष्य अपने आप अच्छा हो जाएगा।
जिंदगी में अनिश्चितताओं से डरना स्वाभाविक है, पर आप इसकी वजह से खुद को पैरेलाईज़ ना होने दें।

जेन हैबिट्स ब्लॉगर, लियो बबूटा कहते हैं कि हम इस डर का इस्तेमाल करके खुद को मोटीवेट कर सकते हैं। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आप काम को टालने लगते हैं और इस तरह आप कई सारे जरुरी अवसर गवाँ सकते हैं। Amazing facts in Hindi

तो क्या आपको अपने पैशन के हिसाब से करियर चुनना चाहिए?

पॉडकास्टर और कम्युनिकेशन्स एडवाइजर वेरोनिका बेल्मोंट का मानना है कि एम्प्लॉयर्स आपके अम्बिशन्स को सराहेंगे अगर उन्हें दिखेगा कि आप अपने काम पर नौकरी मिलने से पहले ही बहुत मेहनत कर चुके हैं।

इसी तरह लेजेंडरी स्केटबोर्डर टोनी हॉक भी मानते हैं कि असली सफलता तभी मिलती है जब आप अपनी सपनों की जिंदगी जी रहे होते हैं। Tribe of mentors

कुछ मेंटर्स को लगता है कि हमें एक स्ट्रेटेजिक एप्रोच की जरुरत है। केविन केली हमें बताते हैं कि अपने पैशन से जुड़े स्किल्स अच्छी तरह से सीखना क्यों जरुरी है। अगर आपने ये स्किल्स सीख लिए हैं तो आप ऐसे जॉब्स करना चाहेंगे जिसमे आप अपने स्किल्स का इस्तेमाल करके पैसे कमा सकते हैं।

अगर आपको नहीं पता कि आपका पैशन क्या है तो भी आपको घबराने की जरुरत नहीं है। युवल नोआह हरारी हमें याद दिलाते हैं कि हम एक ऐसी दुनिया में जी रहे हैं जो बहुत तेजी से बदल रही है। हो सकता है कि आपका ड्रीम जॉब आज से 10 या 20 साल बाद वजूद में ही ना रहे। इसलिए आज के समय में आपको अपना इमोशनल इंटेलिजेंस डेवेलोप करने और मज़बूत बनने की सबसे ज्यादा जरुरत है। इससे आपको फ्यूचर में मदद मिलेगी। Tribe of mentors

और अगर आप एक प्रोफेशन में सेटल हो जाते हैं तो आपको मारिया शारापोवा की एक बात कभी नहीं भूलनी चाहिए। हमेशा समय पर ‘प्लीज’ और ‘थैंक यू’ बोलना सीखिए। कोई भी बद्तमीज व्यक्ति को पसंद नहीं करता है, भले ही वो व्यक्ति कितना भी सफल क्यों ना हो। Tribe of mentors

कोई भी सलाह सिर्फ इसलिए मत मानिये क्योंकि वो सलाह ट्रेंडिंग है या बहुत सारे लोग उसे मानते हैं।
हमने बहुत सारी अच्छी सलाह सुन ली अब कुछ बुरी सलाहों को देखते हैं जो मेंटर्स को मिली थी।
एड कोहेन, जिन्होंने 71 वेट लिफ्टिंग से जुड़े वर्ल्ड रिकार्ड्स बनाये हैं, लोगों को सलाह देते हैं कि हमे नयी टेक्निक सिर्फ इसीलिए नहीं अपनानी चाहिए क्योंकि वह ट्रेंडिंग है। इस बात को याद रखिये कि ऐसी सलाह जिसे समय समय पर परखा गया हो उसे मानने में फायदा है।

सेक्रेमेंटो मे स्थित सुपरट्रेनिंग जिम के फाउंडर मार्क बेल लोगों को कहते हैं कि कोई भी मुश्किल काम करने से पहले हमे दो बार सोचना चाहिए। हो सकता है आपको भी सबसे ज्यादा वजन उठाने की कोशिश करने वाले वेट लिफ्टर की तरह अपना करियर गवाना पड़ जाए। इसलिए आप अपने जोन में जितना अच्छा काम कर सकते हैं उतना अच्छा काम करने की कोशिश करें।

कई लोग इस बात से सहमत होंगे कि हमें वो सलाह नहीं माननी चाहिए जो हमारी काम की क्वालिटी को कम कर सकती है।  Tribe of mentors

आज के समय मे अगर कोई क्रिएटिव इंडस्ट्री मे अपना करियर शुरू करता है तो उसे ये सलाह दी जाती है कि सोसल मीडिया पर अपने ब्रैंड को ग्रो करना और हाइप बनाना बहुत जरूरी है। पर सच ये है कि अपने क्राफ्ट पर ध्यान देना इससे कई गुना ज्यादा जरूरी है, खासकर जब बात अपने काम से संतुष्टि पाने की आती है।

हॉलीवुड स्क्रीनराइटर स्टीवन प्रेस्स्फील्ड बताते हैं कि सोशल मीडिया के रिवार्ड्स कितने सुपरफिशिअल है। उनका मानना है कि असली संतुष्टि अपने काम को अच्छी तरह लम्बे समय तक करने से आती है। आप बस अपने काम मे अपना समय इन्वेस्ट करें और बाकी सब अपने आप होगा।

मशहूर कैंसर रिसर्चर लीव्स कैंटली को लगता है कि आजकल बुरी सलाहों का एक ट्रेंड चल रहा है। बडिंग साइंटिस्ट्स को अक्सर ये सलाह दी जाती है कि वो अपनी रिसर्च फाइंडइंग्स दूसरों से शेयर ना करें नहीं तो उनका आईडिया कोई चुरा लेगा। लेकिन कैंटली का मानना है कि लोगों के बीच ज्यादा टीमवर्क और एक दुसरे के बीच चीजें शेयर करने की इच्छा होनी चाहिए। इस तरह के कॉपरेशन से साइंस के क्षेत्र मे काम करना और मजेदार बन सकता है, इससे साइंस में और ज्यादा प्रोग्रेस भी होगी। Tribe of mentors

हालांकि अगर आपके पास टीममेट्स हैं तब भी आपको उन्हें ब्लाइंडली फॉलो करने से बचना होगा। रे डेलियो आपको बाज़ार मे सिर्फ दूसरे लोगों को देखकर निवेश करने से मना करते हैं। इस बात की संभावना है की उस बाजार मे कई लोगों ने निवेश किया हो और उस वजह से उसकी कीमतें ज्यादा बड़ी हुई हों।

इसी तरह इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की सलाह भी हमेशा अच्छी नहीं होती हैं। स्कॉट बेल्स्की, जो कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म बिहांस के फॉउंडर है, मानते है कि अक्सर आउटसाइडर ही इंडस्ट्री मे क्रान्ति लाते हैं ना कि एक्सपर्ट्स। उबर और एयर बीएनबी के फाउंडर्स ऐसे आउटसाइडर के उदहारण हैं, ये लोग ऐसा पहले से बनाए हुए रूल्स को तोड़ कर करते हैं।

खुद की और दूसरों की इज्जत करें। Tribe of mentors

लेखक ने सभी मेंटर्स से पूछा कि अगर उन्हें दुनिया के सभी लोगों को एक सलाह देने का मौका मिले तो वो कौन सी सलाह देंगे।
कई मेंटर्स ने लोगों को एक दुसरे के प्रति अच्छा बनने के लिए कहा।
सेल्सफोर्स के सीईओ मार्क बेनिऑफ एक फिलॉन्थ्रोपिस्ट हैं जो सभी को ये पता करने का सुझाव देते हैं कि वो किस तरह से अपने लोकल पब्लिक स्कूल की मदद कर सकते हैं।
जरूरी नहीं की आप सिर्फ डोनेशन देकर ही ये मदद करें। आप सीधा स्कूल प्रिंसिपल से भी पूछ सकते हैं कि क्या आप उनकी कोई मदद कर सकते हैं, जैसे छात्रों को मेंटर करना ये बताके कि आप क्या करते हैं और वो किस तरह से आपकी तरह बन सकते हैं। आपका बस थोड़ा समय भी छात्रों की जिंदगी पर बड़ा असर डाल सकता है। Tribe of mentors

लेखक, फिलोसोफर और न्यूरोसाइंटिस्ट सैम हेरिस लोगों को और रिज़नेबल बनने का सुझाव देते हैं। दूसरे लोगों से बात करके और विचारों के आदान प्रदान से हम एक प्रजाति के रूप मे आगे बढ़ सकते हैं और इस तरह हम आने वाली चुनौतियों से जीत सकते हैं। हिंसा दूसरी तरफ अक्सर हमारी प्रगति को रोकती है।
कुछ मेंटर्स का मानना है कि जो हमारे पास पहले से ही है उसका हमे अच्छे से इस्तेमाल करना चाहिए।

रे डलिओ और स्कॉट बेल्स्की लोगों को याद दिलाते हैं कि उन्हें ओपन माइंडेड रहना चाहिए और उन अवसरों को ढूँढना चाहिए जो उतने साधारण नहीं होते हैं। हो सकता कि एक स्ट्रगल करने वाली टीम में शामिल होना आपको समझदारी वाला कदम ना लगे पर ये अक्सर ज्यादा रिवार्डिंग होता हैं बजाय कोई ऐसी टीम मे शामिल होने से जो पहले से ही सफल हो। एक स्ट्रगलिन्ग टीम में आपको बहुत सारे बदलाव और नयी चीजें देखने को मिलती है।

पर इस तरह के अवसर भी जादू से अपने आप आपके दरवाजें पर नहीं आएंगे। आपको हमेशा ऐसे अवसरों के लिए तैयार रहना होगा और सही समय आते ही इनका इस्तेमाल करना होगा।
एक आखिरी सलाह जो मेंटर्स देते हैं वो है कि अगर आपने कोई अच्छा अवसर गवा भी दिया है तो आपको खुद को कोसना नहीं चाहिए। भले ही आपको लग रहा हो कि सब ख़त्म हो गया है पर ये सच नहीं है, ये आपकी भविष्य का अंत नहीं है। Tribe of mentors

लियो बबौटा की बात याद रखें: “आप जैसे भी हैं, सही हैं।”
मारीया शारापोवा कहती है कि हमें अपनी डिफरेंट रियल पर्सनालिटी बनाने की कोशिश करनी चाहिए न की कोई और बनने की। दूसरे लोगों की बातें और उनके काम या कुछ “व्हाट इफ्स” से ये निर्धारित ना होने दें कि आप क्या हैं। आप खुद का लीडर बने और हो सकता है कि आप अगली पीढ़ी के मेंटर बन जाएँ। Tribe of mentors

कुल मिलाकर

एक सफल मेंजिंदगी जीने के एक से ज्यादा तरीके हैं। मेंटर्स द्वारा दी गई सलाहें, ज्यादा किताबें पढ़कर खुद में इन्वेस्ट करने से लेकर विफलता को गले लगाने और “ना” को ज्यादा बार कहना आपको इंस्पायर और गाइड करने मे मदद करेगा, भले ही आप अपने जिंदगी के किसी भी रास्ते पर हों।

क्या करें?

आप डिस्ट्रैक्शंस से खुद का ध्यान भटकने ना दें।
आपका ध्यान आपके समय से भी ज्यादा मूल्यवान है – यही वजह है कि हर कोई इसका एक हिस्सा चाहता है।

इसलिए आप अपने ध्यान की रक्षा करना और उसे बुद्धिमानी से उपयोग करना सीखें। एरियाना हफिंगटन नियमित रूप से अपने फोन पर ऐप्स को इधर उधर कर देती हैं, उनके स्थान को वो कई बार रि-अरेंज करती हैं, ताकि जब भी वह बेखयाली में किसी ऐप्प को चेक शुरू करें, तो उन्हें एक पल के लिए ये सोचना पड़े कि वो क्या कर रही हैं। यह उन्हें रुक के थोड़ा सांस लेने और सोचने का अवसर देता है।

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